mahendra bhatt

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि हिंदू सनातन मतावलंबियों का अपने महाग्रंथ भागवत गीता और रामायण मे अगाध श्रद्धा है और ये हमारी दिनचर्या तथा जीवनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत जिस तरह से भागवत गीता मे श्रीकृष्ण के उपदेशों को दुर्योधन से घालमेल की कोशिश कर रहे हैंवो एक तरह से धर्म शास्त्र का उपहास भी है।

BJP ने हरीश रावत को बताया कांग्रेस का धृतराष्ट्र

बीजेपी प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कर्म योग को नए शिरे से परिभाषित कर रहे हरदा को यह खुद ही तय करना चाहिए कि वह कांग्रेस के बुजुर्ग नेता हैं और उन पर कौन सा किरदार फिट बैठता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मे बड़े से छोटे नेताओं की लम्बी फेहरिशत हैं जो उन्हे धृतराष्ट्र के रूप मे देखते हैं। उन्होंने कहा कि देश और राज्य के बजाय वह परिवार के मोह मे शुरू से ही फंसे रहे हैं और अपनी सुविधा के अनुसार न्याय के तराजू को पकड़ने का नाटक करते हैं।

सत्तालोलुपता के कारण कांग्रेस हो रही खाली

चौहान ने कहा कि परिवार मोह और सत्तालोलुपता के कारण कांग्रेस खाली हो रही है। लेकिन वो कर्मयोगी का आडंबर रच रहे हैं। भगवान कृष्ण ने धर्म विरोधियों के प्रतिकार के लिए अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया जो सर्वथा उचित था, तो हरदा को ऐसी चिंता किसके लिए है?

उन्होंने कहा कि गीता मोह, भय और मोक्ष के द्वार खोलकर सभी विकारों को समाप्त करती है। भाजपा सनातन परंपरा का निर्वहन कर गीता और उपदेशों को सर्वाधिक महत्व देती है। इससे सार्वजनिक जीवन मे सेवा और सदाचार का भाव अधिक जागृत होता है। कांग्रेस को सनातन परंपरा का झूले दिल से आदर करने की जरूरत है, न बल्कि अपनी सुविधा के हिसाब से आडंबर का चोला पहनने की कसरत। हालांकि ये भी जगजाहिर है कि तुष्टिकरण की खातिर कांग्रेस हमेशा समुदाय विशेष की ढाल बनते रहे और बहुसंख्यक समाज और सनातन अपमानित होता रहा है।

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