देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर शुक्रवार को देहरादून के गांधी पार्क में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभा में महिलाओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की भी भागीदारी रही। इस दौरान अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देने के साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग दोहराई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत कमला पंत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े अब तक के घटनाक्रम और न्याय के लिए चलाए जा रहे संघर्ष की जानकारी देकर की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि घटना को चार वर्ष बीतने के बावजूद मामले से जुड़े कुछ सवाल अभी भी सार्वजनिक चर्चा में हैं और उनके स्पष्ट जवाब सामने आने की मांग लगातार की जा रही है।

VIP से जुड़े सवालों की जांच की मांग

सभा के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से मामले में कथित VIP कनेक्शन से जुड़े सवाल उठाए गए। प्रेस नोट के मुताबिक, मंच ने दुष्यंत कुमार और अजय कुमार के नामों का उल्लेख करते हुए पूछा कि इन नामों से जुड़े आरोपों या दावों की जांच क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रेस नोट में नहीं की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने वनंतरा रिसोर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने के आदेश और उस कार्रवाई से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी उठाई। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट और आरती गौड़ की भूमिका से संबंधित सवाल उठाते हुए कहा कि इन पहलुओं की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

मंच की ओर से यह सवाल भी उठाया गया कि CBI जांच से संबंधित प्रक्रिया में अब तक क्या प्रगति हुई है। साथ ही अंकिता के माता-पिता की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र को जांच के आधार के रूप में क्यों नहीं लिया गया और अनिल जोशी की ओर से दर्ज कराई गई FIR को किस आधार पर स्वीकार किया गया, इस पर भी स्पष्टीकरण की मांग की गई।

सामूहिक संकल्प के बाद दी गई श्रद्धांजलि

सभा के दौरान सुजाता पॉल ने ‘अंकिता न्याय संकल्प’ पढ़ा और मौजूद लोगों को सामूहिक रूप से संकल्प दिलाया। इसमें न्याय से जुड़े सवालों को लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहने तथा निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग जारी रखने की बात कही गई।

इसके बाद विमला कोहली ने दो मिनट का मौन करवाया और अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन निर्मला बिष्ट ने किया।

श्रद्धांजलि सभा के बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक और फिर वापस गांधी पार्क तक मानव श्रृंखला बनाई गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने कहा कि मानव श्रृंखला के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को आगे बढ़ाने और संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया गया।

CBI कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन

प्रेस नोट के अनुसार, कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने देहरादून स्थित CBI कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया और अधिकारियों से मामले से जुड़े सवालों पर जानकारी मांगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते हुए चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कथित VIP कनेक्शन और उससे जुड़े सवालों की जांच की स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच के दोषी ठहराना नहीं, बल्कि मामले के हर संभावित पहलू की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम या भूमिका मामले से जोड़कर सामने आती है और उसके संबंध में जांच योग्य तथ्य या साक्ष्य मौजूद हैं, तो जांच एजेंसी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उस पहलू की जांच किस स्तर तक हुई है। वहीं, यदि जांच में कोई आधार नहीं मिला है तो उसकी स्थिति भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी प्रभावशाली या राजनीतिक पहुंच रखने वाले व्यक्ति के कारण जांच के किसी पहलू पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी जांच एजेंसी की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। आयोजकों ने इसे किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय जांच की पारदर्शिता से जुड़ा सवाल बताया।

अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद दिल्ली जाने की बात

प्रेस नोट के अनुसार, CBI कार्यालय में अधिकारियों से जानकारी लेने पर प्रदर्शनकारियों को बताया गया कि मामले की जांच दिल्ली स्थित CBI कार्यालय से की जा रही है। इसके बाद आयोजकों ने कहा कि अब उनका अगला पड़ाव दिल्ली स्थित CBI कार्यालय होगा और वहां भी मामले से जुड़े सवालों को उठाया जाएगा।

आयोजकों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े जनता के सवालों के जवाब पाने के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाते रहेंगे।

 बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और लोगों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में उर्मिला सनावर, इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा, लेखिका गीता सहगल, अधिवक्ता अवनीश नेगी, परमजीत सिंह, पूर्व सैनिक ब्रिगेडियर डंगवाल, प्रकाश थपलियाल, मोहित डिमरी, त्रिलोचन भट्ट, गढ़वाल सभा के वीरेंद्र असवाल, नत्था सिंह पंवार, उदय शंकर भट्ट, डॉ. उमा भट्ट, उत्तराखंड महिला मंच से पद्मा गुप्ता, शकुंतला, किरण पुरोहित, यशोदा नेगी, मंजू बलोदी, हेमलता नेगी, प्रीति थपलियाल समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके अलावा कांग्रेस से जुड़े अधिवक्ता पंकज क्षेत्री, सुनीता प्रकाश, सुराज दल के रमेश जोशी, जब्बर सिंह ब्रह्म, अव्वल सिंह नेगी, पूर्व आईएएस पांगती, नरेंद्र रावत, अजय शर्मा सहित देहरादून, कोटद्वार, श्रीनगर, हरिद्वार, मसूरी और अन्य क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

आयोजकों ने कहा कि अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य उनकी स्मृति को श्रद्धांजलि देना और न्याय से जुड़े सवालों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहना है। मंच ने दोहराया कि अंकिता को न्याय मिलने तक सवाल और संघर्ष जारी रहेगा।

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