ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के नाम पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एम्स प्रशासन और सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्धों को पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से नर्सिंग ऑफिसर और मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के फर्जी नियुक्ति पत्र और करीब दो लाख रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, गिरोह एम्स के नाम का इस्तेमाल कर युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था। इसके बदले उनसे पैसे की मांग की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद एम्स प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की। सुरक्षा टीम ने कथित तौर पर आरोपियों को पकड़ने के लिए स्टिंग ऑपरेशन भी किया।
कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को उनके वाहन और बरामद फर्जी दस्तावेजों के साथ हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बाद में आरोपियों को बरामद दस्तावेजों और अन्य सामान के साथ एम्स ऋषिकेश की पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
एम्स प्रशासन ने युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों से सावधानी बरतने की अपील की है। संस्थान की ओर से स्पष्ट किया गया है कि एम्स ऋषिकेश और उसके सैटेलाइट सेंटर एम्स किच्छा में विभिन्न पदों पर भर्ती निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है। भर्ती से संबंधित आधिकारिक विज्ञापन और जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर जारी की जाती है।
प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति एम्स में नौकरी लगवाने या नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है तो अभ्यर्थी उसके झांसे में न आएं और तत्काल इसकी सूचना एम्स प्रशासन या पुलिस को दें। अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी भर्ती के जरिए युवाओं को ठगी से बचाने के लिए मामले की जांच आगे जारी है।
