देहरादून। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कई बड़े काम जल्द शुरू होने जा रहे हैं। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक रडार स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) बिल्डिंग का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद विमानों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी के अनुसार, नया रडार विमानों की निगरानी और सुरक्षित लैंडिंग व टेकऑफ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं, आधुनिक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम खराब मौसम और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में विमानों के संचालन को बेहतर बनाने में सहायक होगा।

एयरपोर्ट विस्तार के तहत नई एटीसी बिल्डिंग का निर्माण भी किया जाएगा। इसके बनने के बाद एयरपोर्ट का एयर स्पेस बढ़ेगा, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोलर एक साथ अधिक उड़ानों को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेंगे। इससे भविष्य में दून एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या बढ़ने के साथ हवाई यातायात प्रबंधन में भी आसानी होगी।

इसके अलावा एयरपोर्ट पर कमर्शियल वाहनों के प्रवेश शुल्क में भी बड़ी कटौती की गई है। नए टेंडर के अनुसार अब कमर्शियल वाहनों को एयरपोर्ट में प्रवेश के लिए 80 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह शुल्क 345 रुपये था। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, शुल्क में कमी से वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन सभी योजनाओं के पूरा होने के बाद देहरादून एयरपोर्ट की हवाई यातायात प्रबंधन क्षमता और संचालन व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। बढ़ती उड़ानों और यात्रियों की संख्या को देखते हुए ये सुविधाएं एयरपोर्ट के भविष्य के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।