देहरादून। उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के एक बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान के बाद विपक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला बोला, जबकि भाजपा ने पूरे विवाद को बयान की गलत व्याख्या बताते हुए विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।

महेंद्र भट्ट ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उत्तराखंड भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जल्द ही बड़ी जिम्मेदारियां और खुशखबरी मिलने वाली है। इसी दौरान उनके एक शब्द को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया है और इसे प्रदेश की राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।

विवाद बढ़ने पर महेंद्र भट्ट ने अपनी सफाई में कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने जिस शब्द का इस्तेमाल किया, उसका गलत अर्थ निकाला गया। भट्ट ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाकर राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।

भाजपा नेताओं ने भी प्रदेश अध्यक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन होकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है। पार्टी का कहना है कि महेंद्र भट्ट का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, बल्कि उन्होंने संगठन और कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन के संदर्भ में अपनी बात रखी थी।

वहीं कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा से सार्वजनिक माफी की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में बैठे नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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