जोशीमठ। चमोली जिले के जोशीमठ में एक आवासीय परिसर में कथित रूप से संचालित मदरसे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और मामले की जांच की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा।

संगठनों का आरोप है कि संबंधित परिसर में बिना आवश्यक अनुमति और पंजीकरण के शिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उनका कहना है कि यह नियमों का उल्लंघन है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस को भी मौके पर बुलाया और कथित अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर ने कहा कि प्रदेश में मदरसा व्यवस्था से जुड़े नए प्रावधान लागू होने के बाद भी यदि बिना अनुमति ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो यह गंभीर मामला है। वहीं, बजरंग दल के अध्यक्ष शुभम रावत ने दावा किया कि उन्हें पहले से इसकी सूचना मिल रही थी और जांच में बच्चों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक नियुक्त होने की जानकारी सामने आई है।

दूसरी ओर, मदरसे से जुड़े शिक्षक मिन्नादुल्ला ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे बच्चों को केवल भाषा और सामान्य शिक्षा दे रहे थे। वहीं, वहां मौजूद एक छात्र ने बताया कि वह नियमित रूप से स्थानीय स्कूल में पढ़ता है और यहां केवल उर्दू सीखने आता है।

तहसीलदार महेंद्र ने बताया कि मामला प्रशासन के संज्ञान में है। पुलिस और प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।