रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में स्वच्छता और हिमालयी पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किया गया **’कैरी मी बैक’** अभियान अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पहल से जुड़ रहे हैं और अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, खाली बोतलें, रैपर तथा अन्य गैर-जैविक कचरे को वापस गौरीकुंड तक ले जाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, अभियान के तहत अब तक करीब दो टन कचरा केदारनाथ धाम से नीचे लाया जा चुका है। यह पहल जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित की जा रही है। यात्रा मार्ग पर तैनात स्वयंसेवक और कर्मचारी श्रद्धालुओं को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति लगातार जागरूक कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ धाम की स्वच्छता बनाए रखना केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु का भी दायित्व है। अभियान का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और धार्मिक पर्यटन को अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी से यह पहल भविष्य में देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
