देहरादून। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रहा, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, आपदा संवेदनशीलता और सीमावर्ती राज्य होने की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष नीति बनाने और आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग की मांग की। साथ ही राज्य में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार सृजन को गति देने के लिए केंद्र के सहयोग पर जोर दिया।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए राज्य सरकार सड़क, रेल, हवाई संपर्क, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों के विकास और आपदा प्रबंधन को राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विकास आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।