हरिद्वार। मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार जिले में मदरसों की निगरानी और जांच के दौरान बड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने 23 मदरसों की सरकारी सहायता राशि तत्काल प्रभाव से रोक दी है। इनमें अकेले सुल्तान क्षेत्र के छह मदरसे शामिल हैं। इन मदरसों की शिकायत लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद द्वारा की गई थी, जिसके बाद प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियां पाई गईं।

प्रदेश सरकार की ओर से मदरसों को मिड-डे मील सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मदरसों की कार्यप्रणाली की निगरानी शुरू की गई थी। इसी क्रम में 19 अप्रैल को जिलाधिकारी के आदेश पर मदरसों की मॉनिटरिंग के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया। संचालकों को निर्देश दिए गए थे कि वे प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति और मिड-डे मील की तस्वीरें ग्रुप में साझा करें।

निगरानी के दौरान चार मदरसों ने कोई रिपोर्ट नहीं भेजी, जबकि वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट तैयार करते समय तीन मदरसों ने योजनाओं से संबंधित डाटा उपलब्ध नहीं कराया। वहीं, दस मदरसा संचालकों ने बंदी के नोटिस भी जारी कर दिए, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिलाधिकारी ने मामले की गहन जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा), जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और संबंधित एसडीएम/तहसीलदार की संयुक्त समिति गठित की है। डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट कहा कि जांच में अनियमितता पाए जाने वाले मदरसों को बंद किया जाएगा, जबकि मानकों का पालन करने वाले संस्थानों को ही संचालन की अनुमति मिलेगी।