देहरादून। प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को गति देने के लिए हर ब्लॉक में पांच गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करेगी। यह निर्देश पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।
मंत्री ने बताया कि चयनित आदर्श गांवों में ड्रेनेज सिस्टम और कूड़ा निस्तारण प्रबंधन को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि स्वच्छ और व्यवस्थित ग्रामीण वातावरण सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही पंचायत भवनों के निर्माण के लिए वर्तमान 10 लाख रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 7817 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से करीब दो हजार पंचायतों के पास अभी भवन नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी ग्राम पंचायतों में शीघ्र पंचायत भवन का निर्माण कराया जाए। मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें पंचायतीराज व्यवस्था की सबसे छोटी लेकिन महत्वपूर्ण इकाई हैं और उनका समग्र विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में अधिकारियों को गांवों का नियमित निरीक्षण कर प्राथमिकता वाले कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से भी पंचायत भवन निर्माण के लिए हर वर्ष धनराशि मिल रही है, जिसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विशेष सचिव पंचायतीराज पराग मधुकर धकाते, निदेशक निधि यादव और अपर सचिव श्याम सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
