देहरादून। देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव की 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, लेकिन परिजनों को समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई। आरोप है कि अस्पतालों की लापरवाही के कारण परिजन महिला को जिंदा समझकर तीन अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भटकते रहे।

जानकारी के अनुसार, महिला की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ने पर परिजन उसे हरबर्टपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने पहुंचे। आरोप है कि इलाज के दौरान ही महिला की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी। हालांकि, पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई थी। इस बीच परिजन महिला को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। इस तरह वे तीन अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन किसी ने भी महिला की मौत की पुष्टि नहीं की।

आखिरकार परिजन करीब 20 किलोमीटर दूर झाझरा स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की मौत काफी पहले हो चुकी है। सच्चाई सामने आने पर परिजनों में आक्रोश फैल गया।

शाम को हरबर्टपुर अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर सहसपुर पुलिस गांव पहुंची और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा। प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व ब्लॉक प्रमुख जसविंदर सिंह बिट्टू के समझाने के बाद पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी ने मामले में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही स्वीकार करते हुए जांच की रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।