देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आंदोलनकारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा और उनके समाधान के लिए कैबिनेट की एक उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस उपसमिति का उद्देश्य राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर व्यावहारिक समाधान तैयार करना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान आंदोलनकारियों ने सम्मान, पेंशन, आश्रितों को रोजगार, लंबित मामलों के निस्तारण और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सरकार के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।

सरकार द्वारा गठित की जाने वाली कैबिनेट उपसमिति आंदोलनकारियों की सभी लंबित मांगों और मामलों का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुझाव तैयार किए जाएंगे, ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके। सरकार का मानना है कि कई मामले वर्षों से लंबित हैं, जिन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की जरूरत है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके संघर्ष और बलिदान के कारण ही उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। ऐसे में सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। आंदोलनकारियों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उपसमिति के गठन से लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द समाधान होगा और राज्य आंदोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।

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