देहरादून। कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के उपयोग को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से यह सामने आया है कि कुछ जिलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चंपावत और उधमसिंह नगर जिलों में कुछ लोगों को हर वर्ष दो से तीन लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि कई गरीब और जरूरतमंद लोगों को मात्र तीन हजार रुपये की ही सहायता मिल पा रही है। रावत ने कहा कि इस तरह की असमानता से सरकार की कार्यप्रणाली और मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के दुरुपयोग पर रोक लग सके।

इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी, लालचंद शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता भी पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे।