पिथौरागढ़। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को देखते हुए उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों पिथौरागढ़ और चंपावत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संभावित घुसपैठ और अराजक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन ने 2 से 5 मार्च तक भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील करने का निर्णय लिया है। इस दौरान सभी सात सीमा पुलों को बंद रखा जाएगा।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने बताया कि सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राज्य पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। उन्होंने कहा कि नदी किनारे और जंगलों के गुप्त रास्तों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति के प्रवेश को रोका जा सके।
यह कदम नेपाल के सीमावर्ती दार्चुला और बैताड़ी जिलों के अधिकारियों के विशेष अनुरोध पर उठाया गया है। नेपाल सरकार ने चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए भारत से सहयोग मांगा था।
इधर, चंपावत जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि नेपाल के ददेलधुरा जिला प्रशासन के अनुरोध पर सभी उपजिलाधिकारियों को सीमा क्षेत्र में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरहद पर तैनात सुरक्षा बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रह सके।
