देहरादून। अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद एक अविवाहित युवती की मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद नवजात शिशु के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। युवती के कथित अविवाहित पिता ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया है, जिससे दोनों परिवारों के बीच विवाद भी गहरा गया है।

अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को लिखित सूचना भेजते हुए नवजात को अस्थायी रूप से शिशुगृह में रखने का अनुरोध किया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, युवती ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। शुरुआत में कथित पिता ने बच्चे को अपने साथ घर ले जाने की सहमति दी थी, लेकिन बाद में उसने जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया।

परिजनों के बीच भी बच्चे की जिम्मेदारी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है, जिसके चलते यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि नवजात शिशु की देखभाल कौन करेगा। डॉक्टरों ने बताया कि नवजात को लंबे समय तक निक्कू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड में रखना संभव नहीं है, इसलिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था आवश्यक है।

बाल कल्याण समिति की सदस्य नीता कंडपाल ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन को निर्देश दिए गए हैं कि नवजात का आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और उसे समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद समिति बच्चे के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

फिलहाल प्रशासन और बाल कल्याण समिति मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नवजात की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण और आवश्यक संरक्षण मिल सके।