देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश की एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से “उत्तराखंड मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना” शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 10 फरवरी को देहरादून से इस योजना का शुभारंभ करेंगे। पहले चरण में विभिन्न जिलों की 484 महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा, जबकि सरकार ने शुरुआत में 2,000 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।

इस योजना के तहत राज्य की अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा, निराश्रित, परित्यक्ता, ट्रांसजेंडर, एसिड और अपराध पीड़ित महिलाएं पात्र होंगी। आवेदन करने वाली महिलाओं की आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनकी वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

सरकार की ओर से स्वरोजगार परियोजना लागत पर 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि लाभार्थी को केवल 25 प्रतिशत राशि का योगदान करना होगा। योजना के तहत महिलाओं को अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। महिलाएं टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर, बेकरी, किराना दुकान सहित विभिन्न छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तर से प्राप्त आवेदनों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया है। चयनित महिलाओं में बागेश्वर से 42, देहरादून से 191, नैनीताल से 75, पौड़ी गढ़वाल से 66, टिहरी गढ़वाल से 23 और ऊधमसिंह नगर से 87 महिलाएं शामिल हैं।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा ने बताया कि शुभारंभ कार्यक्रम में कुछ जिलों से पांच-पांच महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह प्रदेश की पहली योजना है जो एकल महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई है और इससे महिलाएं आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनेंगी।