देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भाजपा और कांग्रेस के साथ अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी प्रदेश में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तराखंड में संगठन को मजबूत करने और चुनावी संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रदेश का दौरा कर सकते हैं।
समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों को ध्यान में रखते हुए अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और प्रदेश के स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रही है।
पार्टी की रणनीति में रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और वन्यजीवों के हमलों जैसे मुद्दों को प्रमुखता दिए जाने की संभावना है। सपा का मानना है कि उत्तराखंड गठन के 25 वर्ष बाद भी राज्य के सामने कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। पार्टी इन्हीं मुद्दों के जरिए जनता के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश करेगी।
इसके अलावा पार्टी प्रदेश में सामाजिक समीकरणों को साधने और संभावित प्रत्याशियों की पहचान करने पर भी काम कर सकती है। चुनाव में गठबंधन की संभावनाओं को भी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को इसी चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके दौरे के दौरान प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
उत्तराखंड में अब तक भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला रहा है। ऐसे में समाजवादी पार्टी की सक्रियता आगामी विधानसभा चुनाव में नए राजनीतिक समीकरण बना सकती है। हालांकि, पार्टी को प्रदेश में अपना मजबूत जनाधार तैयार करने की चुनौती भी होगी।
