रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। पिछले कुछ महीनों में कई लोग इन हमलों का शिकार हो चुके हैं। गंभीर होती स्थिति को देखते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने वन विभाग के लिए 50 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि का उपयोग आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की खरीद में किया जाएगा, जिससे जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।

जिला प्रशासन के अनुसार गुलदार, भालू और अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए जिले में अलर्ट मोड लागू कर दिया गया है। स्वीकृत राशि से थर्मल ड्रोन, फॉक्स लाइट, ट्रैंकुलाइज गन, अत्याधुनिक पिंजरे और अन्य सुरक्षा उपकरण खरीदे जाएंगे। इन उपकरणों की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों में रियल-टाइम निगरानी, त्वरित हस्तक्षेप और रेस्क्यू ऑपरेशन अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।

प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग रजत सुमन ने बताया कि हाल के दिनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष में तेजी से वृद्धि हुई है। इसी कारण नए उपकरणों की आवश्यकता के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे 28 नवंबर 2025 को हुई बैठक में मंजूरी मिल गई। उनके अनुसार आधुनिक तकनीक के उपयोग से जानवरों की गतिविधियों का सटीक पता लगाया जा सकेगा, जिससे हमलों और दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि लोग सुरक्षा उपायों को समझें और किसी भी घटना की तुरंत सूचना संबंधित विभागों को दें। जिला प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

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