बरेली। फतेहगंज पश्चिमी स्थित राजश्री मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों के अपहरण और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड खुद कॉलेज का एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र दिविज बहल था। उसने दिल्ली से आने वाले एक कैब संचालक और उसके साथी सोनू के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।

घटना रविवार शाम की है, जब महाराष्ट्र के जिला अहमदनगर (अहिल्यानगर) थाना सोनई निवासी गौरव बरपे अपने बैचमेट्स दिविज बहल और गौरवेंद्र सिंह के साथ घूमने निकले थे। राधा कृष्ण मंदिर से लौटते वक्त पीछे से आई एक ईको कार में सवार बदमाशों ने उनकी स्कूटी रुकवाकर तीनों का अपहरण कर लिया।

आरोपियों ने उन्हें घंटों तक घुमाया। इस दौरान गौरव ने देखा कि दिविज एक अपहरणकर्ता को “सोनू” कहकर पुकार रहा है, जिससे उसकी मिलीभगत उजागर हो गई।

इसके बाद दिविज ने अपने साथियों की धमकियों के बीच गौरव और गौरवेंद्र के यूपीआई पिन हासिल कर उनके खाते से 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। साथ ही गौरव के पिता और एक दोस्त कपिल को फोन कर 50 लाख की फिरौती मांगी। लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और सघन चेकिंग शुरू कर दी। रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस की गश्ती बढ़ते देख आरोपी दोनों छात्रों को छोड़कर फरार हो गए।

जांच में पता चला है कि कैब ड्राइवर ने ही दिविज की मुलाकात सोनू से कराई थी। सोनू पर लूट, पुलिस पर हमला और आम्र्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दिविज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि सोनू और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि मामले का शीघ्र ही पूर्ण खुलासा किया जाएगा।

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