हरिद्वार। हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने काम में तेजी लाने पर जोर दिया है। त्योहारों के दौरान कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने से निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को देखते हुए कुंभ मेला से जुड़े कार्यों में लगे कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तैयारियों की गति धीमी न पड़े और निर्धारित समयसीमा के भीतर जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें।

कुंभ मेले के आयोजन को देखते हुए हरिद्वार में स्थायी और अस्थायी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने का काम चल रहा है। इसमें सड़क, पुल, घाट और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन का प्रयास है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।

त्योहारों के दौरान काम प्रभावित होने की चिंता

अक्टूबर और नवंबर में लगातार त्योहारों के चलते कर्मचारियों के अवकाश पर जाने की संभावना रहती है। ऐसे में निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों और संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति से परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। प्रशासन को आशंका है कि यदि इस अवधि में काम धीमा हुआ तो कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने में मुश्किल आ सकती है।

इसी कारण संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य है कि त्योहारों के दौरान भी जरूरी परियोजनाओं पर काम जारी रहे और किसी भी महत्वपूर्ण कार्य में अनावश्यक देरी न हो।

वर्ष 2027 में आयोजित होगा कुंभ मेला

हरिद्वार में वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन प्रस्तावित है। उत्तराखंड राजभवन के अनुसार, मेला 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक आयोजित होगा। इस दौरान चार अमृत स्नान सहित कुल 10 स्नान पर्व होंगे। मेले की व्यवस्थाओं के लिए कुंभ क्षेत्र को चार जिलों और 32 सेक्टरों में बांटने की योजना बनाई गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों, पुलों और सड़कों के निर्माण के साथ अस्थायी टेंट सिटी और अन्य जरूरी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रशासन की कोशिश है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। कर्मचारियों की नियमित उपलब्धता और निर्माण कार्यों की निगरानी के जरिए कुंभ मेले की तैयारियों को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

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