देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में बुधवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इन नेताओं के साथ उनके समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने नए सदस्यों का स्वागत किया।
कांग्रेस की विचारधारा में जताया भरोसा
कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश नेतृत्व के प्रति विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को आगे बढ़ाने के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। पार्टी नेतृत्व ने नए सदस्यों के शामिल होने को संगठन के विस्तार और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे के मूल्यों के लिए काम करती है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और पलायन जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। उनके अनुसार, सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने में अपेक्षित रूप से सफल नहीं रही है।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी और प्रदेश की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेगी।
2027 के चुनाव पर कांग्रेस की नजर
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना संगठन के लिए उत्साहजनक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए सदस्यों के राजनीतिक अनुभव और सहयोग से पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लाभ मिलेगा।
वहीं, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने भी भाजपा सरकार पर बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और पलायन जैसे मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर मैदान में उतरेगी।
राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम उत्तराखंड में आगामी चुनाव को लेकर बढ़ती सरगर्मियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस का लक्ष्य नए नेताओं और समर्थकों को साथ जोड़कर संगठन को मजबूत करना और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति बेहतर बनाना है।
