देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस का विरोध लगातार तेज हो रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देहरादून में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे और पद से हटाए जाने की मांग उठाई। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा बनाए रखने की मांग की।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय से सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं।

प्रदर्शनकारियों को सचिवालय पहुंचने से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी है। कांग्रेस ने मांग की कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रही शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

यह प्रदर्शन देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से किए जा रहे विरोध का हिस्सा है। एसआईआर और कथित मतदाता अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच उत्तराखंड में भी कांग्रेस ने अपना विरोध तेज कर दिया है।

 

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