प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में तेज उछाल दर्ज किया गया है। शुक्रवार को बिजली की मांग इस महीने का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई। मांग के मुकाबले पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण ऊर्जा निगम को पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में बिजली कटौती करनी पड़ी।
आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 1 से 24 अप्रैल के बीच बिजली की मांग में 90 लाख यूनिट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को कुल मांग के मुकाबले राज्य पूल से 1.1 करोड़ यूनिट और केंद्रीय पूल से 1.5 करोड़ यूनिट बिजली मिली। इस तरह कुल उपलब्धता 2.7 करोड़ यूनिट ही रही। इसके अलावा बाजार से 1.5 करोड़ यूनिट और अन्य स्रोतों से 34 लाख यूनिट बिजली खरीदने के बावजूद कुल आपूर्ति 4.6 करोड़ यूनिट तक ही पहुंच सकी। करीब 30 लाख यूनिट की कमी के चलते विभिन्न क्षेत्रों में कटौती करनी पड़ी।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में करीब ढाई घंटे बिजली कटौती की गई। वहीं, लंढौरा, मंगलौर, लक्सर, बहादराबाद, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, कोटद्वार, जसपुर, किच्छा, खटीमा, रामनगर और बाजपुर जैसे कस्बों में 2 से ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। बड़े शहरों में भी राहत नहीं रही काशीपुर में एक घंटा, रुड़की और हल्द्वानी में करीब डेढ़ घंटे की कटौती की गई। औद्योगिक क्षेत्रों, खासकर स्टील उद्योगों में, करीब 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में बिजली की मांग 5.5 करोड़ यूनिट से अधिक पहुंच सकती है। बाजार में बिजली महंगे दामों पर मिल रही है और पीक आवर में उपलब्धता भी सीमित है, जिससे आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
