देहरादून। देहरादून स्थित इंडसइंड बैंक (एमएम टावर, जीएमएस रोड) के एक कथित ब्रांच मैनेजर दीपक कुमार नामा पर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया गया है। दार्जिलिंग निवासी इंद्र बहादुर थापा ने पुलिस और प्रशासन को भेजी शिकायत में कहा कि आरोपी ने स्वयं को बैंक मैनेजर बताकर फिक्स्ड डिपॉज़िट कराने के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूली।

शिकायत के अनुसार मामला मई 2024 से सितंबर 2024 के बीच का है, जब दीपक नामा ने शिकायतकर्ता को 20 करोड़ रुपये के पांच वर्षीय एफडी का प्रस्ताव दिया। उन्होंने दावा किया कि इस निवेश में जमा राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा किसी भी समय निकाला जा सकता है। थापा के मुताबिक, आरोपी ने एफडी प्रक्रिया के लिए 30 लाख रुपये “बैंक सर्विस चार्जेज़” के रूप में मांगे और यह रकम अपने निजी खाते में जमा कराई।

शिकायत में कहा गया है कि 30 सितंबर 2024 को दो अलग-अलग खातों से कुल 30 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके बाद दीपक नामा ने कॉल उठाना बंद कर दिया और वास्तविक एफडी जारी करने के बजाय कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज़ साझा किए। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी 13 महीनों तक बहाने बनाकर उन्हें गुमराह करता रहा।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि दीपक नामा ने बैंक अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और फंड का दुरुपयोग जैसे गंभीर अपराध किए। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की गहन जांच, आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और 30 लाख रुपये की रिकवरी की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी लेन-देन की रसीदें, संदेश और बातचीत के सबूत उनके पास मौजूद हैं।

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