मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी की मालरोड पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने नई पहल की है। अब मालरोड पर हाईटेक कैमरों के माध्यम से वाहनों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए दो स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। साथ ही, वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए तीन स्थानों पर बोलार्ड लगाए जाएंगे। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य प्रतिबंधित समय में वाहनों के अनधिकृत प्रवेश और तेज रफ्तार पर रोक लगाना है।

एसडीएम राहुल आनंद ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मालरोड का निरीक्षण कर कैमरे लगाने के लिए संभावित स्थानों को चिह्नित किया। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय में प्रवेश पंत बनाम उत्तराखंड सरकार से संबंधित याचिका के क्रम में गृह सचिव और जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। मालरोड पर गढ़वाल टैरेस और पद्मिनी निवास के नजदीक एएनपीआर कैमरे लगाने पर विचार किया जा रहा है।

इन कैमरों की मदद से सड़क से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट की स्पष्ट तस्वीर प्राप्त की जा सकेगी। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

शाम 4:30 से रात 10 बजे तक प्रवेश प्रतिबंधित

मसूरी की मालरोड पर शाम 4:30 बजे से रात 10 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। इसके बावजूद इस दौरान अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले वाहनों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए तीन स्थानों पर बोलार्ड लगाने की तैयारी है। कैमरों और बोलार्ड की मदद से प्रतिबंधित समय में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।

इसके अलावा तेज रफ्तार से वाहन चलाने, रेड लाइट का उल्लंघन करने और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसी गतिविधियों पर भी निगरानी रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को पहले की तरह छूट मिलती रहेगी।

बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की होगी जांच

शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोल्हूखेत-झड़ीपानी वैकल्पिक मार्ग को बड़े वाहनों के संचालन के लिहाज से भी परखा जाएगा। एसडीएम राहुल आनंद के अनुसार, संबंधित मार्ग की सुरक्षा और बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए उसकी उपयुक्तता की जांच कराई जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

प्रशासन को उम्मीद है कि कैमरों की निगरानी और बोलार्ड की व्यवस्था से मालरोड पर यातायात नियमों का पालन बेहतर होगा। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी अधिक व्यवस्थित यातायात व्यवस्था मिल सकेगी।