News : भारत ने अमेरिका के इलिनोइस स्थित एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली गोलीबारी की कथित साजिश पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। साथ ही, अमेरिकी प्रशासन से वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान पूछे गए सवाल के उत्तर में यह बात कही। इलिनोइस की इस घटना को बेहद चिंताजनक करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला अमेरिका में भारतीय समुदाय के विरुद्ध बढ़ते नस्लीय भेदभाव और हेट क्राइम (घृणा अपराध) की वारदातों को उजागर करता है।
जायसवाल ने आगे कहा, “हमने इस घटना के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई पर गौर किया है। हालांकि, हम अमेरिकी पक्ष से यह अपील करते हैं कि वे अमेरिका में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करें।”
News : बंदूक के जाम होने से टला बड़ा हादसा
बीते रविवार को इलिनोइस के ऑरोरा (Aurora) शहर में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में सामूहिक गोलीबारी (मास शूटिंग) की साजिश रचने के आरोप में शिकागो के पास पालेटाइन से 19 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया गया। यह बड़ी साजिश इसलिए नाकाम हो गई क्योंकि हमलावर के पास मौजूद हथियार (बंदूक) अचानक जाम हो गई और उससे गोली नहीं चल सकी।
आरोपी को 14 अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ उस पर आतंकी धमकी देने और गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने के विभिन्न गंभीर मामले दर्ज किए गए।
गुरुवार को भी भारत की ओर से यह बात कही गई थी कि इलिनोइस के हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश की खबरों ने गहरी चिंता पैदा कर दी है। इस घटना ने अमेरिका में पनप रही भारत-विरोधी नफरत और नस्लीय शत्रुता को लेकर चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है।
कई अमेरिकी सांसदों और मानवाधिकार समूहों ने भी इस घटना पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया है। उनका मानना है कि अब भारत-विरोधी भावनाएं खुलकर हिंसा का रूप ले रही हैं।
News : अमेरिकी सांसदों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस घटना को लेकर अमेरिकी सांसद रिचर्ड डीन मैककॉर्मिक (Rich McCormick) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इलिनोइस के हिंदू मंदिर में जो भयावह वाकया टला है, वह बेहद हैरान करने वाला है। किसी भी अमेरिकी को केवल अपनी आस्था या सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की वजह से जान का खतरा महसूस नहीं होना चाहिए।
आज मैंने हाउस इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रो खन्ना के साथ मिलकर न्याय विभाग (DOJ) और एफबीआई (FBI) से अनुरोध किया है कि वे इस खतरनाक साजिश की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच करें। साथ ही, हिंदू और भारतीय-अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ बढ़ रहे खतरों को रोककर इसके दोषियों को सजा दिलाई जाए। धार्मिक स्वतंत्रता एक मौलिक अमेरिकी अधिकार है और हमारे देश में हिंसा तथा घृणा के लिए कोई स्थान नहीं है।
“एक अन्य सवाल के जवाब में, जब प्रवक्ता जायसवाल से पूछा गया कि दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर विदेशी प्रतिक्रियाओं को विदेश मंत्रालय किस रूप में देखता है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारे देश में ऐसी हर स्थिति पर नजर रखने के लिए सक्षम संस्थाएं और एजेंसियां मौजूद हैं, जो पूरी मुस्तैदी से अपना काम कर रही हैं।”
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