News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए ट्रेड टैरिफ में राहत का ऐलान किया है। उन्होंने रूस से जुड़े व्यापार पर लगने वाले कई प्रतिबंधों और शुल्कों को हटाने की घोषणा की है। राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से यह छूट भारत के अलावा चीन को भी प्रदान की गई है।
व्हाइट हाउस के इस फैसले से भारत और चीन जैसे बड़े खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, ट्रंप उस कानून के तहत ये कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहे थे, जिस पर उन्होंने पिछले महीने ही हस्ताक्षर किए थे।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका को किसी भी सूरत में व्यापारिक घाटे से बचाने के लिए ट्रंप इस कानून के जरिए बेहद सख्त कदम उठाने वाले थे। इसके तहत, रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर पूरे 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम शुल्क (टैरिफ) लगाया जाना था। इससे मॉस्को के साथ कारोबार करने वाले राष्ट्रों को तगड़ा आर्थिक झटका लग सकता था। दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम इस कानून के प्रमुख समर्थकों में शामिल थे।
News : बढ़ रही हैं अमेरिका और रूस की नजदीकियां
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की आलोचना करने और रूस के साथ संबंध बेहतर होने के बीच ट्रंप का यह आदेश सामने आया है। हालिया दिनों में अमेरिका और रूस के बीच बढ़ती नजदीकियों को साफ तौर पर देखा जा सकता है। ट्रंप रूस और यूक्रेन, दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से युद्ध समाप्त करने की अपील कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों पक्षों पर दबाव बनाने की कोशिश भी की, लेकिन संघर्ष रोकने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सके।
शुक्रवार देर रात जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ‘ग्राहम एक्ट’ के प्रावधानों के तहत आने वाले प्रतिबंधों और शुल्कों को फिलहाल लागू करने से छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अमेरिकी कांग्रेस को एक सर्टिफिकेट भी सौंपा गया है, जिसमें इस कदम को राष्ट्रीय हित में उठाया गया निर्णय बताया गया है।
News : भविष्य में लागू हो सकते हैं नियम
यहाँ यह भी गौर करने वाली बात है कि रूस से जुड़े शुल्कों पर यह रोक केवल कुछ समय के लिए हो सकती है। आने वाले दिनों में नफा-नुकसान का आकलन करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप इन्हें दोबारा लागू भी कर सकते हैं। इसलिए उनके ताजा निर्देशों के मुताबिक यह राहत लंबे समय तक टिकेगी या नहीं, इस पर अभी असमंजस बना हुआ है। चीन के बाद भारत रूसी क्रूड ऑयल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। जिन पांच देशों को यह छूट मिली है, उनमें चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान के नाम शामिल हैं।
News : क्या है ‘ग्राहम एक्ट’?
ग्राहम एक्ट के जरिए अमेरिका रूस के खिलाफ आक्रामक आर्थिक प्रतिबंधों को अमलीजामा पहनाना चाहता है। इस कानून में यह सख्त प्रावधान है कि यदि कोई भी देश रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता है, तो उसे भारी आर्थिक पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा। रूस से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करने वाले शीर्ष पांच देशों पर यह नियम लागू होना था। हालांकि, उन देशों को इसमें रियायत मिलनी थी जो अपनी कुल घरेलू जरूरत का केवल 15 प्रतिशत ही तेल आयात करते हैं। नियम तोड़ने वाले देशों पर 100 से लेकर 500 फीसदी तक का टैरिफ थोपे जाने का प्रावधान था।
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