देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हुई भारी बारिश के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में बारिश का पानी घरों और खेतों तक पहुंच गया, जबकि श्रीनगर गढ़वाल में सीवर चैंबर चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। वहीं, कोटद्वार में भी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की सूचना है। अलग-अलग क्षेत्रों में जलभराव और गंदे पानी की समस्या ने स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
ज्योतिर्मठ में घरों और खेतों में घुसा पानी
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में देर रात हुई भारी बारिश के बाद नोग मोहल्ले में कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। बारिश के पानी से खेतों को भी नुकसान पहुंचा है। अचानक घरों में पानी भरने से प्रभावित परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति के लिए नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी घरों और खेतों तक पहुंच रहा है। इस घटना ने क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रीनगर में सीवर चोक, अलकनंदा नदी में मिला गंदा पानी
श्रीनगर गढ़वाल में शुक्रवार सुबह अलकेश्वर घाट मार्ग पर सीवर चैंबर चोक हो गया। इसके बाद सीवर का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। सड़क पर बड़ी मात्रा में गंदा पानी फैलने से राहगीरों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को गंदे पानी से बचते हुए रास्ता पार करना पड़ा।
सबसे गंभीर स्थिति तब बनी, जब सीवर का पानी सीधे अलकनंदा नदी में जा मिला। इससे नदी की स्वच्छता और पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ गई है। धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण अलकनंदा नदी में गंदा पानी मिलने से सीवर व्यवस्था के रखरखाव पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कोटद्वार में भी बारिश से बढ़ी परेशानी
कोटद्वार में भी भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश के बाद लोगों को आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार बदलते मौसम और बारिश के प्रभाव को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना जरूरी हो गया है। ज्योतिर्मठ में जलभराव और श्रीनगर में सीवर का पानी नदी में मिलने की घटनाओं ने स्थानीय व्यवस्थाओं की चुनौतियों को उजागर किया है।
