बागेश्वर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बागेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से आयोजित दो दिवसीय पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव में भाग लिया। इस महोत्सव का उद्देश्य पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना, वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना है

महोत्सव में प्रदेश के छह सीमांत जिलों बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी से चयनित लगभग 240 बाल वैज्ञानिक अपने मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।

महोत्सव में विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, विज्ञान नाटिका और कविता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और प्रयोगात्मक ज्ञान को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को विज्ञान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने की घोषणा भी की। इसके साथ ही विज्ञान प्रयोगशालाओं को एआई से जोड़ने, विकासखंड स्तर पर लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने और शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

इस आयोजन से पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा दिखाने और नए प्रयोगों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विज्ञान और तकनीक के प्रति उनकी रुचि विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

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