हरिद्वार। सिडकुल स्थित होटल गार्डन व्यू में गुरुवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों से सुझाव लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों की स्थानीय समस्याओं और जरूरतों की सबसे बेहतर जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को होती है। ऐसे में उनकी सक्रिय भूमिका से विकास योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों की प्राथमिक आवश्यकताओं को सरकार तक पहुंचाएं और पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।
सीएम धामी ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उत्पादों, कृषि, बागवानी और होम स्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवों की विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय लोगों की जरूरतों और सुझावों के आधार पर तैयार की जाएं। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कला और सिनेमा जगत में नाना पाटेकर के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, विधायक आदेश चौहान सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
