अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव के तहत शनिवार को धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी रहा। नंदाष्टमी के अवसर पर मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए स्थापित किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी और पूरा वातावरण मां के जयकारों से गूंज उठा।
महोत्सव के तहत मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं पारंपरिक रूप से कदली वृक्षों से तैयार की गई हैं। प्रतिमा निर्माण के दौरान कलाकारों ने धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं का विशेष ध्यान रखा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। नंदाष्टमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
नंदा देवी महोत्सव अल्मोड़ा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। जिला प्रशासन के अनुसार नंदा देवी उत्सव का आयोजन चंद शासकों के समय से सितंबर महीने में होता आ रहा है और यह क्षेत्र की परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।
महोत्सव के दौरान नंदा देवी मंदिर परिसर और एडम्स मैदान में धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। वहीं मेले में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं की दुकानें भी सजाई गई हैं, जिससे धार्मिक आयोजन के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा प्रमुख आकर्षण रहेगी। आयोजकों के अनुसार 23 सितंबर को मां का डोला नगर भ्रमण पर निकलेगा, जिसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों के साथ महोत्सव का समापन होगा।
