नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिस से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और आम लोगों की सुविधा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उत्तराखंड पुलिस को बंद किए गए ऑनलाइन पोर्टल को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस पोर्टल के माध्यम से आम लोग पुलिस से संबंधित मामलों और शिकायतों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते थे।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग द्वारा पोर्टल को बंद किए जाने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस से संबंधित मामलों की जानकारी आम जनता के लिए सुलभ होना जरूरी है। अदालत ने पोर्टल को जल्द से जल्द पूरी तरह से सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह पोर्टल पुलिस से जुड़े मामलों की स्थिति और रिकॉर्ड तक सार्वजनिक पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाता था। इसके बंद होने से लोगों को ऑनलाइन जानकारी हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को व्यवस्था बहाल करने को कहा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पोर्टल को निर्धारित समय में पूरी तरह से शुरू नहीं किया गया तो पुलिस महानिदेशक (DGP) को अदालत में तलब किया जा सकता है। कोर्ट के इस रुख के बाद पुलिस विभाग पर पोर्टल को जल्द बहाल करने का दबाव बढ़ गया है।
हाईकोर्ट के निर्देश को पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और लोगों की सूचना तक पहुंच से जोड़कर देखा जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली सार्वजनिक जानकारी लगातार और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचनी चाहिए। अब पुलिस विभाग को पोर्टल को दोबारा सक्रिय करने और उसकी कार्यप्रणाली सुचारु बनाने की दिशा में कार्रवाई करनी होगी।
