देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) अपने 4G नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। राज्य के ऐसे इलाकों में नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं, जहां अभी तक नेटवर्क की सुविधा कमजोर है या लोगों को इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

BSNL के इस विस्तार से खासतौर पर सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तराखंड में कई ऐसे दुर्गम गांव हैं, जहां भौगोलिक परिस्थितियों और कम व्यावसायिक संभावनाओं के कारण निजी टेलीकॉम कंपनियों के लिए नेटवर्क विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में सरकारी प्रयासों के तहत 4G कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है।

केंद्र सरकार की 4G Saturation योजना के तहत देशभर के उन गांवों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है, जहां अभी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। फरवरी 2026 तक सरकार के अनुसार करीब 30 हजार गांवों को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया था और 21 हजार टावर लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 17 हजार टावरों का काम पूरा हो चुका था।

उत्तराखंड में भी BSNL की ओर से बड़े स्तर पर 4G नेटवर्क विस्तार किया जा रहा है। इससे सीमांत जिलों के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तेज इंटरनेट, बेहतर मोबाइल सेवा और डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं के लिए मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है।

BSNL के नेटवर्क विस्तार से चारधाम यात्रा मार्गों, पर्यटन क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में भी संचार व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। खासकर आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर मोबाइल नेटवर्क प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।

कुल मिलाकर, BSNL का 4G विस्तार उत्तराखंड के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।