चमोली। चमोली के गोपेश्वर में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सार्वजनिक रूप से सराहना करने वाले बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने अब अपने बयान पर सफाई देते हुए यू-टर्न लिया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को राजनीतिक रंग दिया गया, जबकि उनका उद्देश्य केवल अपने विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करना था।

दरअसल, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में विधायक बुटोला ने मंच से कहा था कि अक्सर विपक्षी विधायकों के साथ भेदभाव की बात कही जाती है, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया था। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई थीं और इसे कांग्रेस के भीतर अलग संदेश के रूप में देखा जाने लगा।

हालांकि, कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में लखपत बुटोला ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस के प्रतिबद्ध विधायक हैं और पार्टी की विचारधारा के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकार ने उनके क्षेत्र में विकास कार्य किए हैं तो उसकी सराहना करना जनप्रतिनिधि का दायित्व है। इसे किसी राजनीतिक समर्थन या दल बदल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

बुटोला ने कहा कि जनता ने उन्हें क्षेत्र के विकास के लिए चुना है और उनका उद्देश्य हमेशा अपने विधानसभा क्षेत्र के हितों की रक्षा करना रहेगा। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों की प्रशंसा करना और सरकार की नीतियों पर राजनीतिक मतभेद रखना, दोनों अलग-अलग विषय हैं। कांग्रेस की नीतियों और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम है।

विधायक के इस स्पष्टीकरण के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। एक ओर भाजपा इसे विकास की राजनीति की स्वीकारोक्ति बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे केवल क्षेत्रीय विकास से जुड़ा सामान्य बयान मान रही है। फिलहाल, लखपत बुटोला के बयान और उसके बाद आई सफाई उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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