उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे में सुरंग के भीतर कार्य के दौरान ऊपर से पत्थर गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य श्रमिक घायल हो गया। घटना के बाद निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया और अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, हादसे की जांच नामित मजिस्ट्रेट करेंगे। जांच में दुर्घटना के वास्तविक कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन, निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी और किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही की विस्तार से पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा गुरुवार को सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में निर्माण कार्य के दौरान हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक सुरंग की छत से भारी पत्थर टूटकर गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद अन्य श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा सुरंग में चल रहे निर्माण कार्य को एहतियातन रोक दिया गया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर निर्माण कंपनी से सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की जानकारी भी ली।

गौरतलब है कि सिलक्यारा सुरंग पहले भी वर्ष 2023 में हुए बड़े हादसे के कारण चर्चा में रही थी, जब सुरंग धंसने से 41 श्रमिक कई दिनों तक भीतर फंस गए थे। हालिया दुर्घटना के बाद एक बार फिर सुरंग निर्माण में सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर अपनाए जा रहे मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को और अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा।

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