देहरादून। उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बीच मतदाता सूची को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की जिन 10 विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनमें छह सीटें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चार सीटें कांग्रेस के कब्जे वाली हैं। सबसे अधिक वोट कटने का मामला देहरादून की धर्मपुर विधानसभा में दर्ज किया गया है।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, धर्मपुर विधानसभा में 29,251 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है। इसके बाद काशीपुर में 28,701, बाजपुर में 28,520, ऋषिकेश में 27,120 और किच्छा में 27,068 मतदाता सूची से हटाए गए हैं। टॉप-10 सूची में रायपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, चकराता और भेल रानीपुर विधानसभा सीटें भी शामिल हैं।

विसंगतियों के मामलों में भी धर्मपुर विधानसभा सबसे ऊपर है, जहां 53,883 मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां पाई गई हैं। इसके बाद सहसपुर, रुद्रपुर, रायपुर, काशीपुर, डोईवाला, ऋषिकेश, भेल रानीपुर, खानपुर और गदरपुर का स्थान है। खास बात यह है कि विसंगतियों वाली शीर्ष-10 सीटों में अकेले देहरादून जिले की पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि इस जिले में मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान सबसे अधिक अनियमितताएं सामने आई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या अधिक है और तेजी से शहरीकरण हुआ है, वहां डेटा एंट्री और रिकॉर्ड अपडेट में अधिक गड़बड़ियां सामने आई हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जा सकें। फिलहाल इस प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों की भी नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

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