देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की देशभर में फैली संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। समिति की कई जमीनों, भवनों और दुकानों पर वर्षों से अवैध कब्जे होने और नाममात्र के किराए पर संपत्तियां उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। समिति ने अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ा के अनुसार, बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर समिति की सैकड़ों दुकानों और भवनों पर लोग 10 से 50 रुपये प्रतिमाह जैसे बेहद कम किराए पर वर्षों से काबिज हैं। कई मामलों में लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन संबंधित लोगों ने अब तक संपत्तियां खाली नहीं की हैं और कुछ स्थानों पर लंबे समय से किराया भी जमा नहीं कराया गया है।

समिति ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी, रामनगर, लखनऊ और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में स्थित उसकी संपत्तियों पर भी अवैध कब्जों की शिकायतें मिली हैं। इन मामलों में पहले ही 185 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन के साथ लंबे समय से पत्राचार के बावजूद सीमांकन और कब्जा हटाने की कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं हो सकी है।

सीईओ ने कहा कि चारधाम यात्रा सीजन के कारण अब तक व्यापक कार्रवाई संभव नहीं हो पाई थी, लेकिन यात्रा का दबाव कम होने के बाद अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति की संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समिति का कहना है कि सभी संपत्तियों का सत्यापन, सीमांकन और रिकॉर्ड का पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया जाएगा, ताकि मंदिर समिति की संपत्तियों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके और उनकी आय में भी वृद्धि हो।

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