ऋषिकेश। ऋषिकेश की मीनाक्षी भाटिया ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर एसडीएम पद के लिए चयनित होकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। साधारण परिवार से आने वाली मीनाक्षी की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण है।

मीनाक्षी के पिता के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। ऐसे कठिन समय में उनकी मां नीलम भाटिया ने टिफिन सर्विस शुरू कर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। मीनाक्षी और उनकी बड़ी बहन शिल्पा भाटिया भी घर-घर जाकर टिफिन पहुंचाने का काम करती थीं। पढ़ाई के साथ-साथ दोनों बहनों ने परिवार का सहारा बनकर हर चुनौती का सामना किया।

शिक्षा के क्षेत्र में भी मीनाक्षी का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। उन्होंने वर्ष 2020 में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर से बीकॉम में गोल्ड मेडल हासिल किया। यूपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद अंतिम चयन नहीं हो पाया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पहली ही बार उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा देकर उन्होंने एसडीएम पद हासिल कर अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया।

मीनाक्षी की बड़ी बहन शिल्पा भाटिया भी उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। एक ही परिवार की दो बेटियों का प्रशासनिक सेवाओं में चयन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

मीनाक्षी का कहना है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के नियमित अध्ययन, टेस्ट सीरीज और अनुशासित दिनचर्या के बल पर यह सफलता हासिल की। उनकी कहानी साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी मजबूत इरादों और मेहनत के आगे बाधा नहीं बन सकतीं।