देहरादून। देहरादून में वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगने के बाद कई फास्ट-फूड दुकानों और ढाबों में घरेलू सिलिंडर का वाणिज्यिक उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। प्रशासन की टीमों ने शहर में छापेमारी कर ऐसे कई सिलिंडर जब्त किए हैं, लेकिन इसके बावजूद यह प्रवृत्ति थमने का नाम नहीं ले रही है।

शनिवार को शहर में एक ओर जहां करीब 67 हजार से अधिक घरों में गैस सिलिंडर का इंतजार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर कई छोटे प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल होता मिला। पटेलनगर से कारगी चौक तक की गई पड़ताल में फास्ट-फूड दुकानों और रेहड़ियों पर घरेलू सिलिंडर लगे हुए दिखाई दिए। कई दुकानदारों ने सिलिंडर को कपड़े या बोरे से ढककर छिपाने की कोशिश भी की।

दरअसल, वाणिज्यिक सिलिंडर घरेलू सिलिंडर की तुलना में महंगा होता है। लागत बचाने के लिए कुछ दुकानदार घरेलू गैस का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पूरी तरह अवैध है। हाल ही में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों के लिए वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। इसके चलते शहर में गैस संकट गहरा गया है।

लालपुल-कारगी मार्ग स्थित नगर निगम के वेंडिंग जोन में राहुल के परिजन फास्ट-फूड की रेहड़ी लगाते हैं। उनका वाणिज्यिक सिलिंडर शुक्रवार को खत्म हो गया, लेकिन रिफिल नहीं होने के कारण शनिवार को उन्हें दुकान बंद रखनी पड़ी। इसी मार्ग पर कई अन्य रेहड़ी संचालकों ने भी गैस संकट के कारण अपना कामकाज बंद रखा।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि शहर में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी घरेलू सिलिंडर का वाणिज्यिक उपयोग पाया जा रहा है, उन्हें जब्त किया जा रहा है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।