उत्तराखंड के चौबटिया स्थित फॉरेन ट्रेनिंग सेंटर में भारत और जापान के बीच सातवां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्डियन’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभ्यास 9 मार्च 2026 तक चलेगा और इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा वैश्विक आतंकवाद और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है।
जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) कर्नल मनीष श्रीवास्तव के अनुसार इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारत और जापान के 120-120 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स का दल 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिकों का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जबकि भारतीय सेना की ओर से लद्दाख स्काउट्स की टुकड़ी इसमें भाग ले रही है।
अभ्यास की शुरुआत पहले दिन एकीकरण और मार्गदर्शन गतिविधियों के साथ की गई। इसके बाद संयुक्त प्रशिक्षण को तेज कर दिया गया है, जिसका उद्देश्य अर्ध-शहरी परिस्थितियों में संयुक्त अभियानों की क्षमता को विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना, पारस्परिक समन्वय और वास्तविक फील्ड परिस्थितियों में सामरिक अभ्यासों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अभ्यास की प्रमुख गतिविधियों में अस्थायी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना, इंटेलिजेंस-सर्विलांस-रिकॉनिसेंस ग्रिड का निर्माण, मोबाइल वाहन चेक पोस्ट की स्थापना, शत्रुतापूर्ण वातावरण में घेराबंदी और तलाशी अभियान, हेलिबोर्न ऑपरेशन तथा हाउस इंटरवेंशन ड्रिल का अभ्यास शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों के बीच आपसी समझ, मित्रता और सौहार्द को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत-जापान रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
