नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट में पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने से जुड़े प्रावधानों से उत्तराखंड को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित देश के पर्वतीय क्षेत्रों में इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे।
उत्तराखंड में माउंटेन ट्रेल्स के विकास से एडवेंचर टूरिज्म, खासकर बाइकिंग और ट्रेकिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
बजट में मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिनमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। इन हब्स में आधुनिक हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स, आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सुविधाएं, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सेंटर शामिल होंगे। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने की संभावना है।
सरकार ने योग और आयुर्वेद जैसी प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों पर भी विशेष जोर दिया है और तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थानों की स्थापना की घोषणा की है। उत्तराखंड को भी इसका लाभ मिल सकता है, क्योंकि राज्य सरकार पहले ही गुरुकुल में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है।
हालांकि, केंद्रीय बजट से उत्तराखंड को आगामी महाकुंभ, अवस्थापना विकास, जल विद्युत परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) योजना और छोटे उद्योगों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद थी, जो इस बजट में पूरी तरह पूरी होती नहीं दिखी। इसके बावजूद पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों को राज्य के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
