देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। प्रदेश में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त और मान्यता के लिए आवेदन करने वाले 206 मदरसों में अब शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश नहीं होगा। इन संस्थानों में भी अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित साप्ताहिक छुट्टी की व्यवस्था लागू की जाएगी। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्राधिकरण के अनुसार, शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने वाले मदरसों को विभागीय नियमों और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कुछ मदरसों में मान्यता मिलने के बाद भी शुक्रवार को ही साप्ताहिक अवकाश रखा जा रहा था। इस व्यवस्था को बदलने के लिए शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजा गया है।

राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने स्पष्ट किया कि जिन मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है या जो मान्यता लेने की प्रक्रिया में हैं, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करनी होंगी। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत ने कहा कि मान्यता प्राप्त मदरसों को राजकीय विद्यालयों में लागू नियमों का पालन करना होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

76 मदरसों को मिल चुकी है मान्यता

प्रदेश में अब तक 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है। इनमें हरिद्वार जिले के 44, ऊधमसिंह नगर के 24, देहरादून के छह और नैनीताल के दो मदरसे शामिल हैं। इसके अलावा 114 मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है। इस तरह कुल 206 मदरसे नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे।

30 हजार से अधिक बच्चे जुड़े शिक्षा की मुख्यधारा से

प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक, प्रदेश के इन 206 मदरसों में पढ़ने वाले 30 हजार से अधिक बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। पहले इन संस्थानों में मुख्य रूप से धार्मिक शिक्षा दी जाती थी, लेकिन अब धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ सामान्य स्कूली शिक्षा भी प्रदान की जा रही है।

प्राधिकरण का उद्देश्य मदरसों में शैक्षणिक व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाना और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत मदरसों में पढ़ाई और साप्ताहिक अवकाश को अन्य विद्यालयों के नियमों के अनुरूप संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।