News : ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) का काम पूरा हो जाने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता सूची को फ्रीज (नया अपडेट रोकने) कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विभिन्न राज्यों से जुड़ी एसआईआर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

​केरल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत ने समय-सीमा को आगे बढ़ाने से साफ मना कर दिया।

​News : हटाए गए नाम दोबारा जोड़े जा सकेंगे

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के इस रुख से स्पष्ट हो गया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ा जा सकता है। इस फैसले से लाखों नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित होने से बचाया जा सकेगा। अदालत ने कहा कि मियाद बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम शामिल करने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।

​News : नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक जुड़ सकते हैं नाम

वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भी लोग नाम जुड़वाने के लिए आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव में पर्चा (नामांकन) भरने की अंतिम तारीख तक नाम दर्ज कराए जा सकते हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने अदालत में स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से बड़ी संख्या में ‘फॉर्म 7’ स्वीकार करने के दौरान त्रुटियां हुई थीं।

​News : लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि इन गड़बड़ियों को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को छूट दी है कि वे आयोग के समक्ष इन अनियमितताओं को रख सकते हैं।

​News : केरल में फरवरी में ही पूरा हो चुका था SIR

निर्वाचन आयोग ने बताया कि केरल में एसआईआर का कार्य फरवरी में ही पूरा कर लिया गया था और उसके बाद संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में इसी संशोधित वोटर लिस्ट का उपयोग हुआ था। हालांकि, सीपीएम (CPM) की ओर से पेश वकील जी. प्रकाश ने दावा किया कि अब भी करीब 24 लाख मतदाता सूची में शामिल होने से छूटे हुए हैं।

​इस पर शीर्ष अदालत ने सीपीएम को उन सभी लोगों का ब्योरा सौंपने का निर्देश दिया जो समय की कमी के कारण अपना फॉर्म जमा नहीं कर सके थे, ताकि चुनाव आयोग इन मामलों की पड़ताल कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा सके।

​News : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

एक अन्य याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने आरोप लगाया कि केरल में एसआईआर के दौरान भारी संख्या में वोटरों के नाम काटे गए। उन्होंने प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आयोग से एक विस्तृत हलफनामा पेश करने की मांग की। सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग को इस याचिका और रामचंद्रन द्वारा दिए गए नोट दोनों पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Also Read : News : परिवार को बिना बताए लंदन से लौटी युवती, पुणे के फ्लैट में मिला शव, मौत की वजह पहेली

You missed