मसूरी। उत्तराखंड की राजनीति में बुधवार को मसूरी में उस समय हलचल मच गई, जब जॉर्ज एवरेस्ट में कांग्रेस के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी हुई और एक-दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की करीब 142 एकड़ भूमि के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी प्रदेशभर में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान चला रही है।
प्रदर्शन से पहले मसूरी में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लेकर भाजपा सरकार के विरोध में आवाज उठाई।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ नारे लगाए। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने गणेश गोदियाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी का दौर चलता रहा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। इस घटनाक्रम के बाद मसूरी में राजनीतिक माहौल गरमा गया।
जॉर्ज एवरेस्ट की जमीन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है।
