नारायणबगड़ (चमोली)। उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ विकासखंड में शुक्रवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत विकास समिति (बीडीसी) की त्रैमासिक बैठक में ग्राम प्रधानों ने जमकर हंगामा किया। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज ग्राम प्रधानों ने सदन में नारेबाजी की और जमीन पर बैठकर विरोध जताया। अधिकारियों की ओर से समझाने का प्रयास किए जाने के बावजूद प्रधान अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद ग्राम प्रधान संगठन ने बैठक का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

बैठक में ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र सिंह खत्री और अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायतों से जुड़ी समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से वीबी-जी राम जी योजना के तहत आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। प्रधानों के मुताबिक, योजना में ऑनलाइन हाजिरी की प्रक्रिया में दिक्कतों के कारण मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने और उनके भुगतान में देरी हो रही है। इससे गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

मानदेय बढ़ाने और पंचायतों को अधिक अधिकार देने की मांग

ग्राम प्रधानों ने अपना मासिक मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने, ग्राम पंचायत की बैठकों में शामिल होने वाले वार्ड सदस्यों को मानदेय देने और मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता समाप्त कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अलावा अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई।

प्रधानों ने राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि बढ़ाने तथा बजट का आवंटन जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर करने की मांग रखी। उन्होंने ग्राम प्रधान निधि गठित करने, 10 लाख रुपये तक के विकास कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने और पंचायत राज अधिनियम के तहत 29 विभागों के अधिकार ग्राम पंचायतों को सौंपने की भी मांग की। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा और पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने जैसे मुद्दे उठाए गए।

प्रधानों के जाने के बाद जारी रही बैठक

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी और ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने ग्राम प्रधानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद ग्राम प्रधान नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।

प्रधानों के बहिष्कार के बाद बीडीसी सदस्यों के साथ बैठक जारी रही। इसमें लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। ग्राम प्रधानों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने के साथ आंदोलन तेज करेंगे।

You missed