देहरादून। उत्तराखंड में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद निर्माण कार्यों के लिए बार-बार अलग-अलग स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और निर्माण कार्यों में होने वाली देरी कम करने में मदद मिलेगी।
अब एक ही चरण में मिलेगी सभी कार्यों की मंजूरी
वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण के लिए दो चरणों में स्वीकृति लेनी पड़ती है। पहले चरण में सड़क निर्माण के लिए पहाड़ की कटिंग की अनुमति दी जाती है। इसके बाद दूसरे चरण में सुरक्षा दीवार, पुलिया, नालियों और अन्य जरूरी निर्माण कार्यों के लिए अलग से स्वीकृति लेनी होती है।
इस प्रक्रिया के कारण निर्माण कार्यों में अतिरिक्त समय लगता है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में पहाड़ की कटिंग पूरी होने के बाद सुरक्षात्मक कार्यों की अनुमति मिलने में कई महीने लग जाते हैं। इससे परियोजनाओं की गति प्रभावित होती है और सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है।
समय पर पूरे होंगे सुरक्षात्मक कार्य
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब सड़क निर्माण के दूसरे चरण से जुड़े सभी कार्यों को एक ही चरण में स्वीकृति दी जाएगी। इससे पहाड़ की कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार, पुलिया और नालियों जैसे जरूरी कार्य समय पर कराए जा सकेंगे। साथ ही, निर्माण के दौरान सड़क को होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें आवागमन, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कई दूरस्थ गांवों की पहुंच सड़कों पर निर्भर करती है। ऐसे में निर्माण प्रक्रिया का सरल होना स्थानीय लोगों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है।
विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर
सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करना है। सड़क और पुल निर्माण में स्वीकृति संबंधी अड़चनें कम होने से विभागीय कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान जरूरी सुरक्षा उपाय समय पर पूरे किए जा सकेंगे।
कैबिनेट का यह निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे निर्माण कार्यों की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
