देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने न्याय यात्रा के जरिए भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में निकाली जा रही इस यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनसमस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। वहीं, पार्टी ने इन मुद्दों को जनता के बीच उठाकर सरकार से जवाब मांगने की बात कही है।
22 अक्टूबर से शुरू हुई उत्तराखंड न्याय यात्रा को गढ़वाल और कुमाऊं के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए कांग्रेस ने अलग-अलग नेताओं के नेतृत्व में चार दल बनाए हैं। यात्रा के माध्यम से पार्टी जनता से संवाद कर रही है और स्थानीय समस्याओं को सामने ला रही है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिला सुरक्षा बना प्रमुख मुद्दा
न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का नेतृत्व किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने बदरीनाथ धाम सहित धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर घोषणाएं कर रही है, जबकि आम जनता की समस्याएं बनी हुई हैं।
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को प्रमुखता से उठाया। पार्टी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार और प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा जैसे विषयों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
विधानसभा घेराव की भी तैयारी
कांग्रेस ने न्याय यात्रा के बाद गैरसैंण में विधानसभा घेराव की भी रणनीति बनाई है। पार्टी का उद्देश्य सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरना और जनहित के मुद्दों पर दबाव बनाना है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए न्याय यात्रा को कांग्रेस के राजनीतिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच जाने और स्थानीय समस्याओं को सामने लाने की अपील की है। वहीं, न्याय यात्रा के जरिए भाजपा सरकार की नीतियों को चुनौती देने और प्रदेश में राजनीतिक माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है।
