देहरादून। उत्तराखंड में आईटी उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के नए इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र से प्रदेश के युवाओं को तकनीकी कारोबार शुरू करने, अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने और निवेशकों व विशेषज्ञों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। केंद्र में युवाओं को 24 घंटे सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आईटी क्षेत्र का विस्तार होगा।

30 हजार वर्ग फुट में तैयार हुआ केंद्र

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित एसटीपीआई का यह केंद्र लगभग 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में तैयार किया गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, एसटीपीआई नोएडा की निदेशक वंदना और आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को तकनीकी कारोबार स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यहां आईटी क्षेत्र से जुड़े युवा चार से पांच लोगों की छोटी टीम के साथ भी अपना काम शुरू कर सकेंगे। इसके साथ ही युवाओं को नई तकनीकों, विशेषज्ञों और निवेशकों से जोड़ने में सहायता दी जाएगी।

251.32 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात

एसटीपीआई के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड से 251.32 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात दर्ज किया गया। प्रदेश में एसटीपीआई के साथ पंजीकृत 14 इकाइयों ने सॉफ्टवेयर निर्यात में योगदान दिया है। केंद्र का लक्ष्य आईटी और आईटीईएस उद्योग के साथ स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करना है।

देहरादून को आईटी हब बनाने पर जोर

केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने केंद्र की शुरुआत को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में आईटी क्षेत्र के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेहतर सुविधाओं और अनुकूल नीतियों के माध्यम से देहरादून भी आईटी उद्योग के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है।

आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ है। इसके लिए दोनों सरकारें मिलकर काम करेंगी।

इस केंद्र के माध्यम से युवाओं को तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और कारोबार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इससे प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति मजबूत होने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने और सॉफ्टवेयर निर्यात को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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