रुड़की। दशहरा पर्व पर लगातार तीन दिन की छुट्टियां समाप्त होने के बाद रुड़की के रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। मंगलवार को सुबह से ही अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों की आवाजाही तेज रही। दिल्ली, देहरादून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को बसों और ट्रेनों में सीट पाने के लिए इंतजार करना पड़ा।

छुट्टियों के दौरान अपने घरों और रिश्तेदारों के यहां पहुंचे लोग वापस लौटने लगे, जिसके चलते सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। दिल्ली, देहरादून, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बागपत, अंबाला और चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रही। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर दिनभर चहल-पहल बनी रही।

सीट पाने के लिए करना पड़ा इंतजार

यात्रियों की अधिक संख्या के कारण कई लोगों को बसों और ट्रेनों में शुरुआत में सीट नहीं मिल सकी। यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए कुछ समय इंतजार करना पड़ा। हालांकि, रास्ते में एक-दो स्टॉप के बाद कुछ यात्रियों को सीट मिल गई, जिससे उन्हें राहत मिली।

यात्रियों रजनीश कुमार, मोहम्मद आजम, सलीम, शादाब और पूजा ने बताया कि उन्हें मुजफ्फरनगर, अंबाला, दिल्ली और देहरादून जाना था। भीड़ के चलते उन्हें शुरुआत में बैठने की जगह नहीं मिली, लेकिन कुछ देर इंतजार करने के बाद सीट उपलब्ध हो गई।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) भी सतर्क रहे। पुलिसकर्मियों ने स्टेशन परिसर में निगरानी रखी, ताकि यात्रियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनी रहे। भीड़ के बीच किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया गया।

बस अड्डे पर 35 से अधिक बसों का संचालन

यात्रियों की बढ़ी संख्या का असर बस अड्डे के आसपास के कारोबार पर भी देखने को मिला। लोगों की आवाजाही बढ़ने से आसपास की दुकानों पर भी चहल-पहल रही।

रुड़की डिपो की कनिष्ठ केंद्र प्रभारी रामकुमारी के अनुसार, मंगलवार को बस अड्डे पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की अधिक भीड़ रही। शाम छह बजे तक 35 से अधिक बसों का संचालन हो चुका था। लगातार तीन दिन की छुट्टियों के बाद यात्रियों की वापसी के चलते बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर पूरे दिन आवाजाही बनी रही।