देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) बृहस्पतिवार को मामले से संबंधित ऑडियो को न्यायालय के माध्यम से फोरेंसिक जांच के लिए भेज सकता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वहीं, पुलिस गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटा रही है। इस बीच उसके उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, उसके नेपाल पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मंत्री ने पति के खिलाफ दर्ज कराई थी प्राथमिकी
मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने घरेलू हिंसा, मारपीट, उत्पीड़न, धोखाधड़ी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंत्री ने आरोप लगाया है कि कंपनी से जुड़े दस्तावेजों में उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें निदेशक पद से हटा दिया गया। उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की कोशिश की गई। पुलिस इन आरोपों की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। अभी तक आरोपों की पुष्टि जांच के माध्यम से होनी बाकी है।
दस सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में दस सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। टीम मामले से जुड़े दस्तावेज, ऑडियो और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। एसआईटी ने मंत्री रेखा आर्या के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। इसके अलावा जांच के सिलसिले में बरेली गई पुलिस टीम वहां से दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर लौट चुकी है।
जांच में वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता का पता लगाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार का बदलाव किया गया है। गिरधारी लाल साहू इस ऑडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार किया गया बताते हुए आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
गिरफ्तारी के लिए जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस फिलहाल गिरधारी लाल साहू का पता लगाने और उसकी गिरफ्तारी के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। उसके नेपाल भागने की आशंका के बीच जांच एजेंसियों के सामने उसे तलाशने की चुनौती है। अब मामले में आगे की कार्रवाई फोरेंसिक रिपोर्ट, दस्तावेजों की जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
